भारत के इन 8 बीचों को मिला ब्लू फ्लैग टैग

देश के आठ समुद्री तटो को दुनिया भर में प्रतिष्ठित ""ब्लू फ्लैग  ""सम्मान मिला है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के मंत्री श्री  प्रकाश जावडेकर ने ब्लू फ्लैग मिलने की घोषणा की। इसी के साथ भारत उन 50 देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 'ब्लू फ्लैग' टैग वाले स्वच्छ समुद्री तट मौजूद हैं।  केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि किसी भी देश के 8 बीच एक बार में ही ब्लू फ्लैग दर्जा पाने में सफल नहीं रहे हैं। यह भारत के लिए बड़े सम्मान की बात है. यह पर्यावरण के क्षेत्र में भारत के संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों को समूचे विश्व की मान्यता दिलाता है।भारत एशिया पैसेफिक क्षेत्र में महज दो साल के अंदर ब्लू फ्लैग दर्जा हासिल करने वाला पहला देश भी बन गया है।साथ ही भारत को तटीय क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘इंटरनेशनल बेस्ट प्रैक्टिस’ के तहत तीसरे पुरस्कार के लिए भी चुना गया है।

ब्लू फ्लैग टैग क्या है

समुद्र तटों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू किया गया था। दो साल में ही ही यूरोप के अधिकतर समुद्र तटों को  यह टैग मिल गया। ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट डेनमार्क की एक संस्था द्वारा दिया जाता है. पर्यावरण मंत्रालय ने भारत में 'ब्लू फ्लैग बीच' के मानकों के अनुसार समुद्र तटों को विकसित करने का  प्रोजेक्ट दिसंबर 2017 में शुरू किया था।
फाउंडेशन फॉर इन्वायरमेन्ट एजुकेशन (FEE) की स्थापना साल 1985 में फ्राँस में की गई थी और इसने वर्ष साल 1987 से यूरोप में अपना कार्य शुरू किया. स्पेन के 566 ; ग्रीस के 515 और फ्राँस  के 395 तटों को  ब्लू फ्लैग टैग मिल चुका है । फाउंडेशन फॉर इन्वायरमेन्ट एजुकेशन ने  46 देशों के 4664 समुद्र तटों को ब्लू फ्लैग टैग दिया है।

क्यो जरूरी है  भारत के समुद्री तटों के लिए ब्लू फ्लैग टैग

ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट मिल जाने के बाद से देश के समुद्र तट भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से हो जाएंगे।इससे यहाँ आने वालेे सैलानियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट देने के लिए वैसे तो कुल 33 स्टैंडर्ड तय किए गए हैं मगर उनमें से कुछ प्रमुख है. इसमें सबसे पहले पानी की गुणवत्ता के कुछ मानक होना, कचरे और गंदगी को निपटाने की सुविधा होना, प्राथमिक चिकित्सा उपकरण होना और पालतू जानवरों को तट पर टहला नेे पर प्रतिबंध शामिल हैं। भारत ब्लू फ्लैग दर्जे वाले समुद्री तटों वाला एशिया का महज चौथा देश बन गया है. 


पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने  बताया कि 2018 में देश के 13 समुद्री तटों की  ब्लू फ्लैग के लिए पहचान की गई थी।इनमें से 8 के नाम 18 सितंबर को ज्यूरी तक भेजे गए थे। ये सभी  ज्यूरी के बताए मानकों पर खरे उतरे हैं। ज्यूरी में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNTWO), फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन (FEE) और इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर (IUCN)

 ब्लू फ्लैग टैग मिलने वाले भारत के 8 बीच की सूची

(1) गुजरात के शिवराजपुर बीच, 
(2) ओडिशा के गोल्डन बीच,
 (3) दीव के घोघाला बीच, 
(4) कर्नाटक के पादुबिदरी बीच 
 (5) कर्नाटक के कासरकोड बीच, 
(6) केरल के कप्पड़ बीच, 
(7) आंध्र प्रदेश के रुशिकोंडा बीच 
(8) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के राधानगर बीच 


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