आइये जाने स्वामित्व योजना /प्रापर्टी कार्ड क्या है

भारत सरकार द्वारा संचालित 'स्‍वामित्‍व' योजना' क्या है।

केंद्र सरकार द्वारा शुरू यह योजना राष्‍ट्रीय पंचायती दिवस को लागू की गई यानि 24 अप्रैल 2020 को देश को समर्पित की गई थी । इस योजना के तहत 11 अक्टूबर 2020  को  लाभार्थियों को  प्रॉपर्टी कार्ड  वितरित किए गए।इस मौके  पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी  ने कहा कि पूरी  दुनिया में एक तिहाई आबादी के पास ही कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का ब्यौरा है । ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए ये बहुत जरूरी है कि देश के सभी लोगो के  पास उनकी अपनी संपत्ति का सही ब्यौरा हो।लोगो को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक देने के लिए ये योजना शुरू की गई।

आखिरकार स्वामित्व योजना की जरूरत क्यों पड़ी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दुनिया में एक तिहाई आबादी के पास ही कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड है, पूरी दुनिया में दो तिहाई लोगों के पास ये नहीं है. ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए ये बहुत जरूरी है कि लोगों के पास उनकी संपत्ति का सही रिकॉर्ड हो. देश की 70% आबादी गाँव मे निवास करती  है। लेकिन अधिकतर ग्रामीणों के पास अपने घरों के मालिकाना हक के कागजात नहीं हैं।  पुराने समय या ये कहे अंग्रेजों के समय से ही गांवों की खेती की जमीन का ब्यौरा तो रखा गया, लेकिन घरों पर कोई ध्‍यान नहीं दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप नतीजा ये हुआ कि कई घरों के संपत्ति के कागजात मौजूद नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए 'स्‍वामित्‍व' योजना लाई गई।

'स्‍वामित्‍व' योजना कैसे काम करेगी।

इस योजना के तहत गाँव की आवासीय भूमि की नाप /पैमाइश ड्रोन के जरिए होगी। ड्रोन से गांवों की सीमा के भीतर आने वाली हर प्रकार के मकान या खाली जगह का एक डिजिटल नक्‍शा तैयार होगा। कौन सा घर कितनी जगह में है या मकान या खाली जगह कितने क्षेत्रफल में है, यह ड्रोन टेक्‍नोलॉजी से  सही से मापा जा सकेगा। गांव के हर घर का प्रॉपर्टी कार्ड राज्‍य सरकारें बनाएंगी।
भारत सरकार की 'स्‍वामित्‍व योजना' के तहत भारत मे रहने वाले ग्रामीण लोगों को उनकी जमीन के मालिकाना हक का सबूत एक कार्ड के रूप में मिलेगा। वह इस कार्ड का इस्‍तेमाल बैंक से कर्ज और अन्‍य वित्‍तीय फायदों के लिए कर सकेंगे

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों के 763 गांवों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख लोगों को उनके घरों का प्रॉपर्टी कार्ड वितरण किया है. सभी लाभार्थियों ने अपना स्वामित्व कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड किया।
महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के लाभार्थी 1 दिन के अंदर फिजिकल कार्ड प्राप्त करेंगे जबकि महाराष्ट्र के भू-स्वामियों को संपत्ति कार्ड मिलने में 1 महीने का समय लग सकता है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार संपत्ति कार्ड के लिए सामान्य शुल्क लागू करने का प्रबंध कर रही है.

स्वामित्व योजना के निम्न और याद रखने वाले प्रमुख बिंदु।

(1) स्वामित्व योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को की।

(2) फिलहाल इस योजना का फायदा 6 राज्यों के 763 गाँव मे बसने वाले लोगो को मिला।

(3) इन 6 राज्यों में उत्तर प्रदेश के 346 गाँव हरियाणा के 221 गाँव महाराष्ट्र के 100 गाँव मध्यप्रदेश के 44 गाँव उत्तराखंड के 50 गाँव कर्नाटक के 2 गाँव शामिल है।

(4) ड्रोन से गाँव का सर्वे होगा।और डिजिटल मैप बनेगा।

(5) गाँव के लोगो को प्रॉपर्टी कार्ड बनेगा जिसमे उनकी संपत्ति का विवरण होगा।

(6) यह प्रॉपर्टी कार्ड ही उनकी संपत्ति का मालिकाना हक देगा।
प्रॉपर्टी कार्ड का इस्तेमाल बैंक से कर्ज लेने में भी किया जा सकेगा।

(7) इस योजना के तहत 4 साल में (20 अप्रैल 2024) तक 6.2 लाख गाँव को कवर किया जाएगा।

(8) देश भर में 300 नियमित प्रचालन प्रणाली (CORS) की स्थापना होगी।

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