बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न।

Q1.  प्रत्ययों का बनते रहना कौन सी प्रक्रिया है
Ans.    संचयी

Q2.  स्पीयरमैन (1904) के अनुसार तर्क करने की क्षमता और समस्या समाधान करने की क्षमता कहलाती है।
Ans.   जी कारक

Q3 सामूहिक अचेतन का संप्रत्यय किसने दिया था।
Ans.   युंग

Q4. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार निम्नलिखित में से किस विधि द्वारा मूल प्रवृत्तियों में परिवर्तन लाया जा सकता है।
Ans.  मार्गान्तरीकरण

Q5.    बण्डुरा का कथन है कि बच्चे प्रतिक्रियाएँ प्रतिमानीकरण द्वारा सीखते। जिसको क्या कहा जाता है।
Ans.  निरीक्षणात्मक अधिगम

Q6. सामान्य पुरुष में XY गुणसूत्र होते हैं जबकि सामान्य महिला में कौन से गुणसूत्र होते है।
Ans.   XX गुणसूत्र

Q7.    व्यक्ति में उन मनोशारीरिक अवस्थाओं का गतिशील संगठन, जो उस पर्यावरण के साथ अद्वितीय सामंजस्य निर्धारित करता है" कहलाता है
Ans. व्यक्तित्व

Q8.   अधिगम स्थानान्तरण के द्वि-तत्व सिद्धान्त के प्रवर्तक थे।
Ans.    स्पीयरमैन

Q9.  सीखी हुई बात को स्मरण रखने या पुनः स्मरण करने की असफलता  कहलाती है
Ans.    विस्मृति

Q10 अधिगम का क्रिया-प्रसूत अनुबन्धन सिद्धान्त  किसके द्वारा दिया गया था।
Ans.   स्किनर

Q11. विकास के मनोसामाजिक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था।
Ans. एरिकसन

Q12. किसके अनुसार, 'बालक का विकास आनुवंशिकता तथा वातावरण का गुणनफल है।'
Ans. बुडवर्थ

Q13. किस व्यवहारवादी का मानना है कि अन्य व्यवहारों की भाँति भाषा भी क्रिया-प्रसूत अनुबन्धन द्वारा सीखी जाती है।
Ans. स्किनर

Q14. किसके अनुसार इदम्, अहम् तथा पराहम् व्यक्तित्व के तीन घटक हैं।
Ans. एडलर

Q15. अधिगम में प्रयत्न व भूल के सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया।
Ans. थॉर्नडाइक

Q16 “प्राप्तांकों के समूह का वह बिन्दु, जिसके नीचे समूह के आधे प्राप्तांक और जिसके ऊपर समूह के आधे प्राप्तांक होते हैं"कहलाता है
Ans. मध्यांक

Q17. मनोलैंगिक विकास में सुप्तावस्था का वर्ष-अन्तराल सम्बन्धित है
Ans. 6 से यौवन तक

Q18. "मनोविज्ञान ने सर्वप्रथम अपनी आत्मा का परित्याग किया, फिर अपने मन का और फिर अपनी चेतना का, अभी वह एक प्रकार के व्यवहार को संजोये है " कथन है।
Ans. बुडवर्थ का।

Q19. पढ़ाते समय सामान्य कक्षा में अध्यापक का सर्वाधिक ध्यान किस मनोवैज्ञानिक तथ्य पर होना चाहिए।
Ans. वैयक्तिक विभिन्नता

Q20. 9. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त में अमूर्त तर्क एवं परिपक्व नैतिक चिन्तन किस अवस्था की विशेषताएँ हैं।
Ans. औपचारिक संक्रियावस्था।




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